वक़्त से दिन और रात –

वक़्त से कल और आज –

वक़्त की हर शह ग़ुलाम –

वक़्त का हर शह पे राज

वक़्त की पाबन्द हैं आते जाते रौनके – 

 वक़्त है फूलों की सेज –

वक़्त है काँटों का ताज

वक़्त से दिन और रात …

आदमी को चाहिये वक़्त से डर कर रहे –

कौन जाने किस घड़ी वक़्त का बदले मिजाज़

वक़्त से दिन और रात …

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